लूथरा शरीफ में मौलवी झाड़ फुक के बहाने बंद कमरे में नाबालिग से करता था दुष्कर्म, मामला दर्ज

मुंगेली- 21वीं सदी में भी लोग जादू -टोना, तंत्र- मंत्र ,झाड़-फूंक पर विश्वास करते हैं और इसी अंधविश्वास का फायदा उठाकर कथित तांत्रिक- मंत्रिक न सिर्फ लोगों का दोहन कर रहे हैं बल्कि उनकी इज्जत के साथ भी खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला लूथरा से आया है । मुंगेली में रहने वाले एक परिवार की नाबालिग बेटी की तबीयत पिछले कुछ दिनों से खराब थी, जिसका इलाज अस्पताल में कराने की बजाय अंधविश्वास के चलते परिवार बलौदा के एक तांत्रिक के चक्कर में पड़ गया। कुछ दिनों तक नाबालिक किशोरी का इलाज करने के बाद तांत्रिक ने झांसा दिया कि यहां उसका इलाज मुमकिन नहीं इसलिए इसका झाड़-फूंक लूतरा शरीफ में करना पड़ेगा । इसलिए उस परिवार को लूतरा शरीफ के आसपास मकान किराए में लेने को कहा गया।

तांत्रिक शाकिर अंसारी बाबा उर्फ छब्बू मौलवी के झांसे में आकर परिवार ने ऐसा ही किया, जिसके बाद बदमाश रोज उनके किराये के घर जाकर झाड़-फूंक का तमाशा करता रहा। इसी दौरान इस परिवार के बेटे की भी तबीयत खराब हो गई और मौलवी उसका भी इलाज करने लगा। हैरानी इस बात की थी कि कथित छब्बू बाबा उनके बेटे का झाड़ फूंक तो पांच 10 मिनट ही करता था लेकिन युवती को अकेले कमरे में बंद कर उसके साथ घंटों बिताता। इससे परिवार का शक भी धीरे-धीरे बढ़ने लगा था। बाद में नाबालिग किशोरी ने ही इसका खुलासा किया कि शाकिर अंसारी यानी छब्बू बाबा झाड़-फूंक के बहाने उसे कमरे में बंद कर उसके साथ लगातार दुष्कर्म कर रहा था और तंत्र मंत्र का डर दिखाकर उन्हें इसकी चर्चा किसी से नहीं कहने को धमकाता था ।

रोज-रोज की हरकतों से तंग आकर आखिरकार नाबालिग ने इसकी शिकायत अपने पिता से कर दी । जिस बाबा को परिवार खुदा मान बैठा था, वह तो बलात्कारी निकला । यह जानते ही पूरे परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई । सच्चाई का अहसास होते ही पिता के होश ठिकाने लग गए और उन्होंने मुंगेली कोतवाली थाने में इसकी शिकायत दर्ज करा दी, जहां से अग्रिम कार्यवाही के लिए मामले को लूतरा ट्रांसफर कर दिया गया। पुलिस ने शाकिर अंसारी बाबा उर्फ छब्बू सब्बू मौलवी लूतरा शरीफ में मानसिक रोग, भूत प्रेत ,ऊपरी बाधा के नाम पर सैकड़ों लोग इलाज कराने आते हैं। इनमें से कुछ यहीं रुक भी जाते हैं लेकिन इसी का फायदा इस बाबा जैसे लोग किस तरह उठा रहे हैं, इसका खुलासा इस घटना से हुआ है। नराधम ने बीमार बच्ची का भी लिहाज नहीं किया और उसे अपनी हवस का शिकार बनाता रहा और पूरा परिवार दरवाजे के बाहर उसके आगे नतमस्तक बैठा रहा, लेकिन जब सच्चाई उजागर हुई तो उनके होश ठिकाने लगे। यह घटना हर उस व्यक्ति के लिए सबक है जो ऐसे ढोंगी बाबाओं पर भरोसा कर अपनी बहू बेटियों को उन्हें सौंप देता है ।इसी अंधविश्वास का फायदा उठाकर ऐसे लोग अपना गलत- सही मकसद पूरा करते हैं । धर्म के नाम पर अधर्म का यह खेल कब से जारी है और इस ढोंगी बाबा ने और किन-किन के साथ ऐसा किया है पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है।

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